ईसीएल में मनायी गई भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती

ईसीएल में मनायी गई भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती

सांकतोडिया (अमन राय): ईसीएल के मुख्यालय प्रांगण में सिस्टा के सौजन्य से आज दिनाँक 14.04.23 को भारत रत्न बाबा साहेब डॉ॰ भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी। इस अवसर पर मुख्यालय परिसर में स्थापित संविधान निर्माता बाबासाहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस मौक़े पर मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक(वित्त) मो. अंजार आलम ईसीएल उपस्थित थे। उनके साथ श्रीमती आहूति स्वाईं निदेशक (कार्मिक), श्री एन के सिंह निदेशक (तकनीकी) (यो॰ एवं परियो॰), श्री नीलाद्रि रॉय निदेशक (तकनीकी) (संचालन) ईसीएल, श्री सुबोध कुमार नेशनल प्रेसिडेंट सिस्टा, डॉ. एस के चौधरी प्रेसिडेंट सिस्टा ईसीएल, श्री दीनानाथ हरिजन जनरल सचिव सिस्टा ईसीएल, सिस्टा के मुख्यालय तथा ईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधिगण, विभिन्न श्रमसंघों के प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में अधिकारीगण,कर्मचारीगण एवं अन्य उपस्थित थे।                  कार्यक्रम के दौरान ईसीएल के निदेशकगणों व अन्य उपस्थित सभी जनों ने बाबासाहब के योगदानों को याद किया तथा उनके जीवन से प्रेरित होकर जनकल्याण की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अपने विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मो. अंजार आलम ने कहा कि बाबासाहब डॉ॰ भीमराव अंबेडकर ने देश को इस मुक़ाम तक पहुँचाने  में अपनी अविस्मरणीय भूमिका निभायी है। बाबा साहेब हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत हैं। कार्यक्रम में उपस्थित ईसीएल के अन्य निदेशकगणों व् सिस्टा के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुये भारत रत्न डॉ. अंबेडकर के प्रति अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होने कहा के हम सबके द्वारा उनके महान व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आत्मीकृत करना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।डॉ॰ भीमराव अंबेडकर समावेशि विकास के प्रबल पक्षधर थे। उन्होने अपनी शिक्षा को अपना हथियार बनाया और संघर्ष करते हुए आगे बढ़कर भारत का संविधान लिखकर अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंबेडकर जयंती को समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस मौक़े पर सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे लोक नृत्य एवं लोक संगीत का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती भावनी त्रिपाठी प्रबन्धक (कार्मिक) ने कुशल तरीके से किया |


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